तुने मुझे बुलाया साईनाथ रे
में आया में आया साईनाथ रे
ओ साई राम रे, ओ साई श्याम रे, ओ साई राम रे.......तुने...
सरे जगत का तू हे दाता,
हम भक्तों का भाग्या विधाता
तेरे दर्शन को पाने को (२)
चलते चलते आया साई नाथ रे.....में आया......
लाखों की तुने बिगड़ी बनायीं
शिर्डी की तुने आस लगे
भूखे को साई खाना देता
प्यासे की बाबा प्यास बुजाता
तू हे अक्षय दाता साई नाथ रे........में आया...
पापी हो या, या हो पुजारी
राजा हो या रंक भिखारी
सबको तुने गले लगाया
बाबा दिन दयालु साई नाथ रे....में आया...
तुम को पता हे अन्तर्यामी
जाग उठो शिर्डी के स्वामी
तुमको अर्पण की मैंने
ये माटी की काया साई नाथ रे...में आया....
अरे प्रेम से बोलो जय साई की
अरे सरे बोलो जय साई की
अरे मिलकर बोलो जय साई की
अरे साई गून गाओ जय साई की
अरे हरी गुण गाओ जय साई की
अरे प्यारा नाम जय साई की
अरे सुन्दर नाम जय साई की
अरे कष्ट मिटाए जय साई की
अरे दुःख हर ले जय साई की
अरे सबका मालिक जय साई की.