दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन काम निकलता है,ो मोहन, तेरा दास तरसता है
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है,
तेरे दर्शन को मोहन, तेरा दास तरसता है
जानम मो से जानम लेकर, मे हार गया मोहन
दर्शन बिन व्यर्थ हुवा, हर भार मेरा जीवन
क्या खेल सजाया है, मोहोरो की तारा हुमको
क्या खूब नचाया है, खत पुतली सा हुमको
ई खेल तेरे प्यारे, बस तूही समजता है
यह दिल पुकारता है, एक भर चले आऊ
दर्शन देखार प्यारे, मेरी बिगड़ी बनजाऊ
प्रीतम मेरे दिल मे, अरमान मचल था है
कर्भी दो दया मोहन, हम भी तो टुमरे है
एक भर तो अपानलो, जनमोसे टुमरे है
तेरे नित्या मिलन को आब, जीवन ये तरस था है
“गोविंद चले आऊ, गोपाल चले आऊ
हे मुरलीधर माधव, नंदलाल चले आऊ
गोविंद चले आऊ, गोपाल चले आऊ
हे आनंद धन मोहन, रास राज चले आऊ