राम समान प्रभु नाहीं कहूँ | Ram bhajan lyrics in hindi

 पाई न केहिं गति पतित पावन राम भजि सुनु सठ मना।


गनिका अजामिल ब्याध गीध गजादि खल तारे घना।।


आभीर जमन किरात खस स्वपचादि अति अघरूप जे।


कहि नाम बारक तेपि पावन होहिं राम नमामि ते।।1।।


रघुबंस भूषन चरित यह नर कहहिं सुनहिं जे गावहीं।


कलि मल मनोमल धोइ बिनु श्रम राम धाम सिधावहीं।।


सत पंच चौपाईं मनोहर जानि जो नर उर धरै।


दारुन अबिद्या पंच जनित बिकार श्रीरघुबर हरै।।2।।


सुंदर सुजान कृपा निधान अनाथ पर कर प्रीति जो।


सो एक राम अकाम हित निर्बानप्रद सम आन को।।


जाकी कृपा लवलेस ते मतिमंद तुलसीदासहूँ।


पायो परम बिश्रामु राम समान प्रभु नाहीं कहूँ।।3।।

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