सांई की मन भावन मूरत मन में है समाई - 2
सांई धुन की एक अजीब दीवानगी सी छायी - 2
मैं हुआ दीवाना ओ लोगो हुआ दीवाना – 2
मैं सांई का दीवाना मैं बाबा का दीवाना – 2
सांई नैनो में झांको तो सदा झलकता प्यारा है - 2
सांई के हाथों में देखो, पलता ये संसार है - 2
अब तो सांई द्वार को छोड़ ओर कहीं ना जाना
सांई नाम की माला का मैं बन जाऊँ एक दाना
मैं हुआ दीवाना ओ लोगो हुआ दीवाना – 2
मैं सांई का दीवाना मैं बाबा का दीवाना – 2
सांई की मन भावन मूरत मन में है समाई
सांई धुन की एक अजीब दीवानगी सी छायी
मैं हुआ दीवाना ओ लोगो हुआ दीवाना
मैं सांई का दीवाना मैं बाबा का दीवाना
घर में ना आँगन में ये दिल लगता है ना गुलशन में
मित्रों में परिवार में न साथी के साथ मधुबन में
तू ही रहीम तू ही राम तू ही मेरा कान्हा
क्यों जाऊँ मैं मथुरा काशी क्यों जाऊँ मैं मदीना
मैं हुआ दीवाना ओ लोगो हुआ दीवाना – 2
मैं सांई का दीवाना मैं बाबा का दीवाना – 2
सांई की मन भावन मूरत मन में है समाई
सांई धुन की एक अजीब दीवानगी सी छायी
मैं हुआ दीवाना ओ लोगो हुआ दीवाना
मैं सांई का दीवाना मैं बाबा का दीवाना.