राधा रास बिहारी मोरे मन में आन समाये | Krishna bhajan lyrics in hindi

 राधा रास बिहारी

मोरे मन में आन समाये ।


निर्गुणियों के साँवरिया ने

खोये भाग जगाये ।


मैं नाहिं जानूँ आरती पूजा

केवल नाम पुकारूं ।


साँवरिया बिन हिरदय दूजो

और न कोई धारूँ ।


चुपके से मन्दिर में जाके

जैसे दीप जलाये ॥


राधा रास बिहारी

मोरे मन में आन समाये ।


दुःखों में था डूबा जीवन

सारे सहारे टूटे ।


मोह माया ने डाले बन्धन

अन्दर बाहर छूटे ॥


कैसी मुश्किल में हरि मेरे

मुझको बचाने आये ।


राधा रास बिहारी मोरे

मन में आन समाये ॥


दुनिया से क्या लेना मुझको

मेरे श्याम मुरारी ॥


मेरा मुझमें कुछ भी नाहिं

सर्वस्व है गिरिधारी ।


शरन लगा के हरि ने मेरे

सारे दुःख मिटाये ॥


राधा रास बिहारी मोरे

मन में आन समाये ॥

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